होली – रंगों और उल्लास का पर्व .. हैप्पी होली

होली भारत का एक प्रमुख और प्राचीन त्योहार है, जिसे रंगों का त्योहार भी कहा जाता है। यह पर्व हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव का प्रतीक भी है। इस दिन लोग अपने पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और रंग-गुलाल लगाकर खुशियां बांटते हैं।
होली का संबंध पौराणिक कथा से भी जुड़ा है। कहा जाता है कि भक्त प्रह्लाद की भक्ति से क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि वह प्रह्लाद को अग्नि में लेकर बैठ जाए। परंतु ईश्वर की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। इसी घटना की स्मृति में होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
होली के दिन बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी रंगों में सराबोर नजर आते हैं। ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग नाचते-गाते हैं और घर-घर जाकर मिठाइयाँ बांटते हैं। गुझिया, मालपुआ और ठंडाई जैसे विशेष व्यंजन इस त्योहार की शोभा बढ़ाते हैं।
आज के समय में हमें प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों का प्रयोग करना चाहिए तथा पानी की बचत का भी ध्यान रखना चाहिए। होली हमें प्रेम, आनंद और एकता का संदेश देती है। यही इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता है।
आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं 

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