टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) का 86वां दीक्षांत समारोह निर्धारित तिथि पर आयोजित नहीं हो सका। संस्थान ने अंतिम समय में समारोह को स्थगित करने की घोषणा करते हुए इसके पीछे ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ का हवाला दिया
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) का 86वां दीक्षांत समारोह निर्धारित तिथि पर आयोजित नहीं हो सका। संस्थान ने अंतिम समय में समारोह को स्थगित करने की घोषणा करते हुए इसके पीछे ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ का हवाला दिया। हालांकि, प्रशासन ने इन परिस्थितियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है और नई तिथि बाद में घोषित करने की बात कही है।
दीक्षांत समारोह में देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में निराशा फैल गई। कई विद्यार्थी देश के विभिन्न राज्यों से मुंबई पहुंचने की तैयारी कर चुके थे, जबकि अनेक परिवारों ने यात्रा और आवास की अग्रिम बुकिंग भी कर ली थी।
कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि परिसर में संभावित विरोध-प्रदर्शन की आशंका के कारण कार्यक्रम टाला गया है। हालांकि, संस्थान ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रशासन की ओर से केवल इतना कहा गया है कि समारोह को अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण स्थगित किया गया है और नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दीक्षांत समारोह जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों को अंतिम समय में स्थगित करने से छात्रों को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में समय रहते स्पष्ट सूचना और पारदर्शी संवाद आवश्यक है।
फिलहाल विद्यार्थियों की नजर संस्थान की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी है। सभी को उम्मीद है कि नई तिथि शीघ्र घोषित होगी और दीक्षांत समारोह का आयोजन पूरे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाएगा।