सरकार और CJP के बीच वार्ता, संगठन ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच संविधान क्लब में बैठक हुई। बैठक में CJP ने सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं।
CJP की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही। संगठन का कहना है कि परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए मंत्री को पद छोड़ना चाहिए।
दूसरी मांग आंदोलन के दौरान दर्ज उन सभी मामलों (FIR) को वापस लेने की रही, जिन्हें CJP ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज बताया। संगठन का कहना है कि निर्दोष प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई समाप्त की जानी चाहिए।
तीसरी मांग परीक्षा प्रणाली में व्यापक और स्थायी सुधार लागू करने की रही, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके।
बैठक के बाद दोनों पक्षों की ओर से बातचीत को सकारात्मक बताया गया, हालांकि किसी अंतिम सहमति या मांगों पर निर्णय की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई। CJP ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं सरकार ने वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की प्रतिबद्धता दोहराई।